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बिलासपुर में 461 करोड़ के फ्लाईओवर से बदलेगी ट्रैफिक की सूरत! T और Y शेप में बनेगा नेटवर्क, इन इलाकों को मिल सकती है बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: आदिम जाति विकास विभाग का बदलेगा नाम, अब ‘जनजातीय कार्य विभाग’ के नाम से होगी पहचान

आस्था के दीप, अरपा संरक्षण का संकल्प! मां अरपा की महाआरती से गूंजा बिलासपुर
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन अरपा अर्पण महाअभियान का आयोजन; संतों ने दिया प्रकृति सेवा का संदेश, नदियों में कचरा न डालने और पौधों की देखभाल करने की अपील।

पुलिस विभाग को हाई कोर्ट का झटका! टावर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश रद्द
33 संचार टावर लगाने का मिला था ठेका, 20 टावरों की गुणवत्ता पर उठा विवाद; हाई कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हवाला देते हुए रद्द किया ब्लैकलिस्टिंग आदेश

तीन राजस्व अधिकारी तैनात, फिर भी खाली पदों का संकट! सीपत तहसील में किसानों के कामकाज पर उठे सवाल
55 गांवों की जिम्मेदारी, 21 पटवारी हल्के और आरआई से लेकर लिपिकों तक कर्मचारियों की कमी; नया भवन तैयार, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त होने का इंतजार

अब शहरों में सफर होगा हाईटेक! 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी तेज

बिलासपुर में डिजिटल सुरक्षा की बड़ी पहल! पहले ही दिन 3 हजार ऑटो का पंजीयन, अब QR कोड से मिलेगी चालक की पहचान

सरपंच पत्नी मंच पर खड़ी रही, पति ने पढ़ दी शपथ! वायरल VIDEO ने मचाया हड़कंप, पंचायत व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

फल्ली खा रहा था भाई या शराब के नशे में चला रहा था बाइक? गाड़ी जब्ती पर ट्रैफिक थाने में बहनों का हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस से भिड़ीं महिलाएं
फल्ली खा रहा था भाई… पुलिस ने उठा ली बाइक!” बहनों का ट्रैफिक थाने में हंगामा, पुलिस बोली—130 की ब्रेथ एनालाइजर रीडिंग के बाद हुई कार्रवाई

आइडिया टावर के टॉप पर चढ़ी महिला, घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा, नीचे उमड़ी सैकड़ों की भीड़

त्योहारी सीजन में बैरिकेडिंग का ब्रेक! बिलासपुर के मुख्य बाजार की राह बंद, व्यापारी-ग्राहक दोनों बेहाल”
त्योहारी सीजन में बिलासपुर के मुख्य बाजारों में खरीदारी के लिए बढ़ रही भीड़ के बीच वाल्मीकि चौक क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया है। इससे बाजार पहुंचने वाले ग्राहकों के साथ व्यापारियों की भी परेशानी बढ़ गई है। चारपहिया और ई-रिक्शा चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि संकरे मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के समय रास्ता बंद होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। वहीं ट्रैफिक पुलिस का तर्क है कि भीड़ और जाम को नियंत्रित करने के लिए स्टॉपर लगाए गए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि यातायात व्यवस्था संभालने के लिए रास्ता बंद करना ही एकमात्र विकल्प है या प्रशासन कोई बेहतर समाधान निकालेगा?

