रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में लिया गया अहम निर्णय

राज्य सरकार के इस फैसले के तहत विभाग की आधिकारिक पहचान में बदलाव किया जाएगा। जनजातीय समाज से जुड़े विषयों और विभागीय कार्यों को नई पहचान देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय समाज के योगदान और उसके विकास से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में 12 करोड़ से अधिक जनजातीय समाज के लोग हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जनजातीय विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया था।

जनजातीय समाज के विकास पर सरकार का जोर

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार लगातार महत्वपूर्ण विषय रहा है।

ऐसे में विभाग के नाम में बदलाव के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जनजातीय समुदायों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और विकास कार्यों को गति मिले।

नियमों में संशोधन के बाद आगे की प्रक्रिया

कैबिनेट ने नाम परिवर्तन के लिए शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब इस निर्णय को लागू करने के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मुख्य बात: विभाग के नाम में बदलाव का निर्णय कैबिनेट ने लिया है। हालांकि, नाम परिवर्तन के साथ योजनाओं, बजट या विभागीय जिम्मेदारियों में किसी अन्य बदलाव की अलग से पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।