नया रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के भव्य आयोजन के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं और खाद्य सामग्री के वितरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस राज्योत्सव में देश के बड़े नेता, मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, उसी आयोजन की मीडिया गैलरी में पत्रकारों को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले मुरमुरे के पैकेट बांट दिए गए। हैरानी की बात यह है कि इन पैकेटों पर निर्माण तिथि वर्ष 2022 दर्ज है और निर्माण के महज चार महीने बाद ही उनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। सवाल सीधा है—आखिर चार साल पुराने पैकेट राज्योत्सव की मीडिया गैलरी तक कैसे पहुंच गए?

पत्रकारों के हाथ में पहुंचा मध्यान्ह भोजन योजना का पैकेट, अंदर निकले मुरमुरे!

राज्योत्सव के समापन समारोह के दौरान मीडिया गैलरी में मौजूद पत्रकारों को मुरमुरे के पैकेट वितरित किए गए। पहली नजर में यह सामान्य खाद्य सामग्री का वितरण लगा, लेकिन जब पत्रकारों ने पैकेट पर छपी जानकारी पढ़ी तो मामला चौंकाने वाला निकला।

पैकेट पर मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम और तुवर दाल का उल्लेख था। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन का लोगो और वेजिटेरियन का निशान भी अंकित था। यानी पैकेट की छपाई और उस पर दर्ज जानकारी ही कई सवाल खड़े कर रही थी। सबसे बड़ा सवाल यह कि मुरमुरे के पैकेट पर मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम और तुवर दाल का उल्लेख आखिर क्यों था?

2022 में बना पैकेट, उसी साल हो गया एक्सपायर!

इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू पैकेट पर दर्ज मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पैकेट पर वर्ष 2022 की निर्माण तिथि दर्ज है और इसकी वैधता निर्माण के महज चार महीने बाद तक बताई गई है।

ऐसे में यदि पैकेट पर दर्ज जानकारी सही है तो खाद्य सामग्री की एक्सपायरी वर्ष 2022 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वर्ष 2026 के राज्योत्सव में ऐसे पैकेटों का वितरण कैसे हो गया? क्या किसी ने पैकेट की तारीख देखने की जहमत नहीं उठाई या फिर वितरण से पहले खाद्य सामग्री की जांच ही नहीं की गई?

गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले आयोजन में ऐसी लापरवाही!

राज्योत्सव का समापन समारोह कोई छोटा-मोटा कार्यक्रम नहीं था। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद तक मौजूद थे। देशभर की निगाहें इस आयोजन पर थीं। लेकिन इसी बड़े आयोजन की मीडिया गैलरी में पत्रकारों को वितरित खाद्य सामग्री ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जब इतने बड़े आयोजन में मीडिया के लिए वितरित होने वाली खाद्य सामग्री की तारीख और गुणवत्ता की जांच नहीं हुई, तो आम लोगों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं की निगरानी किस स्तर पर होती होगी?

कांग्रेस सरकार के समय के पैकेट वर्तमान आयोजन में कैसे पहुंचे?

पैकेट पर दर्ज वर्ष 2022 की निर्माण तिथि ने राजनीतिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पुराने सरकारी खाद्य पैकेटों का इस्तेमाल वर्तमान आयोजन में किया गया? ये पैकेट कहां से आए, किसने उपलब्ध कराए और किस एजेंसी को इनके वितरण की जिम्मेदारी दी गई थी?

हालांकि, पैकेट पर पुरानी तारीख दर्ज होने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि उसके अंदर की खाद्य सामग्री भी उसी समय निर्मित हुई थी। इसकी वास्तविक स्थिति खाद्य नमूने और पैकेजिंग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।