जांजगीर-चांपा।राजस्व विभाग से जुड़े एक मामले में पटवारी और राजस्व निरीक्षक (RI) पर जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में ₹55 हजार मांगने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर ₹40 हजार का भुगतान किया। इसके लिए उसे अपने गहने तक गिरवी रखने पड़े, लेकिन इसके बावजूद जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। अब पीड़ित ने कलेक्टर से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।

55 हजार मांगने का आरोप, ₹40 हजार देने का दावा

मामले के अनुसार, जमीन के बंटवारे से जुड़ा काम कराने के लिए पटवारी और RI द्वारा कथित तौर पर ₹55 हजार की मांग किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने ₹40 हजार की व्यवस्था कर भुगतान किया। रकम जुटाने के लिए उसे अपने आभूषण गिरवी रखने पड़े।

आरोप है कि पैसे देने के बाद भी जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इससे शिकायतकर्ता को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति का सामना करना पड़ा।

काम नहीं होने पर कलेक्टर से शिकायत

शिकायतकर्ता ने अब इस मामले को लेकर कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई है। उसने कथित तौर पर रकम मांगे जाने, भुगतान किए जाने और इसके बावजूद काम नहीं होने की शिकायत करते हुए मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

रिश्वत मांगने की शिकायत कहां करें

अगर कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले पैसे मांगता है, तो यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध है। ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति:

  • छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत कर सकता है, जो रिश्वत मांगने वालों को रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई करता है।
  • कलेक्टर जनदर्शन या एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकता है।
  • मुख्यमंत्री जनदर्शन और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का भी उपयोग कर सकता है।

शिकायत करते समय लेनदेन से जुड़े सबूत, जैसे बातचीत की रिकॉर्डिंग, गवाहों के नाम और भुगतान की तारीख, संभालकर रखना जरूरी है।

जमीन बंटवारे की सही प्रक्रिया

पारिवारिक जमीन के बंटवारे के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया जाता है। इसके बाद सभी हिस्सेदारों को सूचना, सुनवाई और पटवारी प्रतिवेदन की प्रक्रिया पूरी कर तहसीलदार बंटवारा आदेश जारी करते हैं। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन राजस्व न्यायालय पोर्टल (RCMS) पर भी देखी जा सकती है। बंटवारे की तय सरकारी प्रक्रिया के लिए किसी कर्मचारी को अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं होती।

इस मामले में आरोपित पटवारी और RI का पक्ष तथा प्रशासन की कार्रवाई सामने आने पर खबर अपडेट की जाएगी।