नई दिल्ली/बेंगलुरु। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तेजी से बढ़ती गतिविधियों के बीच Samsung R&D Institute India-Bangalore ने मंगलवार को Samsung ennovateX 2026 के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। कार्यक्रम में इंडस्ट्री, अकादमिक क्षेत्र और स्टार्टअप्स से जुड़े 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन का मुख्य फोकस AI और उससे जुड़ी नई तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल पर रहा। विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने बताया कि आने वाले समय में AI केवल चैटबॉट या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिजनेस, रिसर्च, शिक्षा और रोजमर्रा की डिजिटल सेवाओं में इसकी भूमिका और बढ़ सकती है।

भारत में बढ़ रहा AI इकोसिस्टम

भारत में AI को लेकर कंपनियों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थान भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में IIM Lucknow ने AI में अपना पहला Bachelor of Science कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों के लिए तैयार करना है।

वहीं TCS ने फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए ADD AgentHub नाम का AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका इस्तेमाल ड्रग डेवलपमेंट, क्लिनिकल ट्रायल और ड्रग सेफ्टी जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

AI के साथ साइबर सुरक्षा भी बड़ी चुनौती

AI के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को AI सिस्टम लागू करने के साथ-साथ डेटा सुरक्षा, एक्सेस कंट्रोल और जोखिम प्रबंधन पर भी समान ध्यान देना होगा।

भारत में AI का अगला चरण अब केवल तकनीक अपनाने का नहीं, बल्कि AI आधारित प्रोडक्ट और समाधान विकसित करने का हो सकता है। ऐसे में भारतीय स्टार्टअप्स, टेक कंपनियों और युवाओं के लिए AI एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।

स्रोत: Samsung ennovateX 2026 और हालिया भारतीय AI initiatives पर उपलब्ध रिपोर्ट्स।