3 नवंबर 2026 | जोहार न्यूज स्वास्थ्य डेस्क। दिवाली से पहले ग्रीन पटाखों को लेकर यह समझना जरूरी है कि कम उत्सर्जन और प्रदूषण-मुक्त होना अलग बातें हैं। CSIR-NEERI की जानकारी के अनुसार, ग्रीन पटाखों की बनावट और रासायनिक संरचना में बदलाव करके पारंपरिक पटाखों की तुलना में उत्सर्जन घटाया जाता है। इससे निकलने वाला धुआँ पूरी तरह खत्म नहीं होता।
ग्रीन पटाखे क्या बदलते हैं?
NEERI के मानदंडों में संबंधित श्रेणी के पारंपरिक पटाखों के मुकाबले पार्टिकुलेट मैटर में कम-से-कम 30 प्रतिशत कमी, या पार्टिकुलेट मैटर में 20 प्रतिशत तथा गैसीय उत्सर्जन में 10 प्रतिशत कमी का विकल्प शामिल है। यह उत्पाद के उत्सर्जन की तुलना है; इससे पूरे शहर का प्रदूषण उसी अनुपात में घटने की गारंटी नहीं बनती।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
WHO के अनुसार, बच्चों, अस्थमा या अन्य श्वसन रोग वाले लोगों तथा हृदय और फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे लोगों को वायु प्रदूषण से अधिक जोखिम हो सकता है। धुआँ, धूल और तेज गंध कुछ लोगों में अस्थमा के लक्षण बढ़ा सकती हैं।
परिवार किन बातों का ध्यान रखें?
- धुएँ वाले स्थान से दूर रहें। प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर की कड़ी शारीरिक गतिविधि कम करें।
- घर के आसपास कचरा या लकड़ी न जलाएँ; इससे भी हवा खराब होती है।
- अस्थमा की दवाएँ डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें। अपने आप दवा या खुराक न बदलें।
- बच्चों और बीमारी से जूझ रहे लोगों को सीधे धुएँ के संपर्क से बचाएँ।
साँस लेने में दिक्कत को नजरअंदाज न करें
लगातार खाँसी, घरघराहट, सीने में जकड़न या साँस फूलना जैसे लक्षण हों तो स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करें। तेज या बढ़ती साँस की तकलीफ में तत्काल चिकित्सा सहायता लें। स्थानीय पटाखा नियम और समय-सीमा अलग हो सकते हैं; अपने जिले के वर्तमान निर्देश देखें।
यह दिवाली से जुड़ा स्वास्थ्य एक्सप्लेनर है, आज जारी नई सरकारी चेतावनी का दावा नहीं। प्रतीकात्मक फोटो: gaf clickz / Unsplash। स्रोत: CSIR-NEERI; WHO की अस्थमा फैक्टशीट और दक्षिण-पूर्व एशिया वायु प्रदूषण मार्गदर्शन।
WHO: अस्थमा संबंधी जानकारी | WHO: वायु प्रदूषण से बचाव
आधिकारिक स्रोत / विस्तृत जानकारी
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