रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भिलाई स्थित उनके निवास पर मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। अभ्यर्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और साक्षात्कार से पहले सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
इंटरव्यू से पहले उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने और उनका पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग उठाई है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि साक्षात्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उनकी मांगों पर विचार किया जाए।
भूपेश बघेल ने दिया समर्थन
अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि युवा अपने भविष्य और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने पुनर्मूल्यांकन और साक्षात्कार से पहले RTI के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाओं की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग रखी है। उन्होंने युवाओं के साथ खड़े रहने की बात भी कही।
CGPSC की मूल्यांकन प्रक्रिया पर फिर बहस
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के परिणाम और साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और मूल्यांकन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा हुई है।
ऐसे में अभ्यर्थियों की ताजा मांग ने एक बार फिर परीक्षा मूल्यांकन की प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित आयोग अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने तथा पुनर्मूल्यांकन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
फिलहाल अभ्यर्थियों की मांगों और पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थन के बीच सभी की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।


