बिलासपुर। स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। बिल्हा विकासखंड के बंधवापारा स्थित एक स्कूल से जुड़ी इस शिकायत में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने दो संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 30 सितंबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था नहीं होने की समस्या उठाई गई थी। मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी।
13 अक्टूबर तक देनी थी जांच रिपोर्ट
शिकायत की जांच और रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी विकासखंड शहरी स्रोत समन्वयक (URCC) वासुदेव पाण्डेय और संकुल समन्वयक (CAC) शस्मिता शर्मा को दी गई थी। अधिकारियों को 13 अक्टूबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, तय समय-सीमा तक रिपोर्ट नहीं मिलने पर मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण
रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे निर्धारित समय में जांच पूरी नहीं करने और रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों के जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
बच्चों की बुनियादी सुविधा से जुड़ा मामला
स्कूलों में बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बुनियादी जरूरतों में शामिल है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद समय पर जांच और समस्या का निराकरण जरूरी है। फिलहाल इस प्रकरण में दो अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत के आधार पर स्कूल में पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच कर समस्या का समाधान कब तक किया जाता है।


