दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नवरात्रि के दौरान आयोजित गरबा नाइट कार्यक्रम में विवाद का मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित दो दिवसीय गरबा कार्यक्रम के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और आयोजकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। इस मामले में आयोजन समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

फिल्मी गानों और मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर जताई आपत्ति

जानकारी के अनुसार, दुर्ग में नवरात्रि के अवसर पर गरबा नाइट का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में फिल्मी गाने बजाए जाने और मुस्लिम युवकों की मौजूदगी को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि गरबा मां दुर्गा की उपासना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है, इसलिए कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।

इसी मुद्दे को लेकर कार्यकर्ता आयोजन स्थल पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। देखते ही देखते बातचीत के दौरान तनाव बढ़ने लगा और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

मंच पर चढ़कर माइक से जताया विरोध

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बजरंग दल के जिला संयोजक रामलोचन तिवारी मंच पर चढ़कर माइक के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह गरबा कार्यक्रम में फिल्मी गाने नहीं बजाने और मुस्लिम युवकों के प्रवेश को लेकर सवाल उठाते नजर आते हैं।

उनके विरोध के दौरान आयोजन समिति से जुड़े लोगों के साथ बहस होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद के बीच रामलोचन तिवारी और आयोजकों के बीच झूमाझटकी तथा मारपीट भी हुई। हालांकि, पूरे घटनाक्रम में किसकी ओर से पहले हाथापाई शुरू हुई, यह पुलिस जांच का विषय है।

धीरज बाकलीवाल का नाम भी चर्चा में

इस गरबा नाइट का आयोजन दुर्ग के पूर्व महापौर और कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की ओर से किए जाने की जानकारी सामने आई है। विवाद के दौरान उनके भी घटनास्थल पर मौजूद रहने और मामले को शांत कराने के प्रयासों का उल्लेख कुछ रिपोर्टों में किया गया है।

घटना के दौरान मंच पर हुई बहस और उसके बाद बने तनावपूर्ण माहौल को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पोस्टर को लेकर विवाद शुरू होने की भी चर्चा

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि कार्यक्रम से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और बैनर को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, गरबा कार्यक्रम के प्रचार से जुड़े एक पोस्ट को लेकर विवाद शुरू होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस पहलू और घटनाक्रम के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

इसलिए पोस्टर या प्रचार सामग्री को विवाद की निश्चित वजह मानने के बजाय इसे सामने आई एक रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

शिकायत के बाद FIR, CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, आयोजन समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। कुछ रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने और घटनास्थल के CCTV फुटेज की जांच किए जाने की बात कही गई है।

पुलिस का उद्देश्य विवाद की शुरुआत, मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका और मारपीट के दौरान हुए घटनाक्रम का पता लगाना है। वायरल वीडियो भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, दर्ज FIR की धाराओं, नामजद आरोपियों और आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

धार्मिक आयोजन, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द पर फिर चर्चा

इस घटना ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में नियमों, प्रवेश व्यवस्था और कार्यक्रम की प्रकृति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आयोजनों में परंपराओं का सम्मान करने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है। किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, ताकि आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।

फिलहाल दुर्ग की गरबा नाइट में हुए विवाद को लेकर पुलिस जांच जारी होने की जानकारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों से ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।