रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं राज्योत्सव 2026 के अवसर पर प्रदेश की प्रतिभाओं और विभूतियों को सम्मानित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के नामों की घोषणा की है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य अलंकरण पुरस्कारों की सूची जारी की। इस सूची में सामाजिक चेतना, आदिवासी उत्थान, महिला सशक्तिकरण, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कला-संस्कृति, कृषि, चिकित्सा और लोक परंपराओं के क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को शामिल किया गया है।

इस वर्ष राज्य अलंकरण समारोह में प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए सम्मान भी शुरू किए गए हैं। अलग-अलग विभागों के माध्यम से कुल 41 श्रेणियों में राज्य अलंकरण प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है।

आदिवासी उत्थान और सामाजिक क्षेत्र में इनका चयन

आदिवासी सामाजिक चेतना एवं उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए धमतरी जिले के डुमन लाल ध्रुव को शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किया जाएगा।

महिला उत्थान एवं जनजागृति के क्षेत्र में गरियाबंद के लोक आस्था सेवा संस्थान (सुश्री लता नेताम) को मिनीमाता सम्मान के लिए चुना गया है। वहीं, सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए कोरिया जिले के सुखचंद भास्कर को गुरु घासीदास सम्मान दिया जाएगा।

सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए बिलासपुर के तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान को पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान के लिए चयनित किया गया है। सामाजिक समरसता के क्षेत्र में रायगढ़ के बाबूलाल अग्रवाल को महाराजा अग्रसेन सम्मान प्रदान किया जाएगा।

खेल और सहकारिता के क्षेत्र में भी सम्मान

खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा जिले की संजू देवी को गुण्डाधुर सम्मान प्रदान किया जाएगा। वहीं, तीरंदाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बालोद जिले के टोमन कुमार को महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान के लिए चुना गया है।

सहकारिता के क्षेत्र में बस्तर जिले के चित्रकोट की प्राथमिक कुकड़ूख मछुआ सहकारी समिति मर्यादित (श्री धनसिंह बघेल) को ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

साहित्य, संगीत और लोककला के क्षेत्र में सम्मानित होंगी प्रतिभाएं

हिंदी साहित्य के क्षेत्र में रायगढ़ जिले के डॉ. बिहारीलाल साहू को पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान दिया जाएगा। शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में रायपुर के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को चक्रधर सम्मान के लिए चयनित किया गया है।

लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में रायपुर की रेखा जलक्षत्री को दाऊ मंदराजी सम्मान प्रदान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में दुर्ग की साधना यादव को लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान, पंथी नृत्य के क्षेत्र में रायपुर जिले के सी.एल. रात्रे को देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार तथा छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में रायपुर के चंद्रभूषण वर्मा को खुमान साव सम्मान दिया जाएगा।

पंडवानी कला के क्षेत्र में दुर्ग जिले के चेतन लाल देवांगन को डॉ. तीजन बाई सम्मान के लिए चुना गया है। वहीं, आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में दुर्ग के दुर्गा प्रसाद पारकर को लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

समकालीन रंगकर्म के क्षेत्र में रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर को हबीब तनवीर सम्मान दिया जाएगा।

पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन पत्रकारों को मिलेगा सम्मान

राज्य अलंकरण पुरस्कारों में पत्रकारिता के क्षेत्र को भी विशेष स्थान दिया गया है। इस बार हिंदी प्रिंट मीडिया, हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।

घोषित सूची के अनुसार:

  • चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी प्रिंट मीडिया): रायपुर के प्रमोद कुमार साहू।

  • चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): बरुण सखाजी और रसिका पांडेय (संयुक्त रूप से)।

  • मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (अंग्रेजी प्रिंट मीडिया): रायपुर के शिशिर राय चौधरी।

इसके अलावा रचनात्मक लेखन एवं हिंदी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान प्रदान किया जाएगा।

चिकित्सा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में भी चयन

कृषि के क्षेत्र में कबीरधाम जिले के पुन्नीदास भट्ट को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है।

आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा एवं शोध-अनुसंधान के क्षेत्र में धमतरी के डॉ. दिनेश कुमार नाग को धन्वंतरि सम्मान प्रदान किया जाएगा। मत्स्य पालन के क्षेत्र में बालोद जिले के प्रदीप कुमार सोनी को श्रीमती विलासादेवी केवट मत्स्य विकास पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

संस्कृत भाषा के क्षेत्र में रायपुर के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा सम्मान दिया जाएगा।

आदिवासियों की सेवा एवं आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में नवा रायपुर स्थित सत्य साई संजीवनी अस्पताल (श्री सी. श्रीनिवास चौगडम) को डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान के लिए चुना गया है।

श्रम क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बलौदाबाजार जिले के अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह सीमेंट वर्क्स को स्वर्गीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में रायपुर के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव को पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान के लिए चयनित किया गया है।

सिनेमा, विधि और महिला सशक्तिकरण में भी सम्मान

हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा और निर्माण के क्षेत्र में योगदान के लिए सैयद ताहिर अली (करन खान) को किशोर साहू सम्मान दिया जाएगा। वहीं, निर्देशन के क्षेत्र में योगदान के लिए मोहन सुंदरानी को किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण प्रदान किया जाएगा।

विधि के क्षेत्र में योगदान के लिए कौस्तुभ शुक्ला (दिल्ली) और हेमंत कुमार मिश्र (रायपुर) को बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान के लिए चुना गया है।

महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष एवं नारी उत्थान के क्षेत्र में कांकेर की बुलबुल बैद्या को माता बहादुर कलारिन सम्मान प्रदान किया जाएगा।

विदेश में रहकर सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन एवं आर्थिक क्षेत्र में योगदान देने के लिए दंतेवाड़ा की दीपाली सरावगी को छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान के लिए चयनित किया गया है।

ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कबीरधाम के सत्येंद्र कुमार उपाध्याय 'सनी' को चेन्दूरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, सामाजिक समानता, साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में बालोद के जगदीश प्रसाद देशमुख को संत रविदास सम्मान के लिए चुना गया है।

दो नए सम्मानों से बढ़ा राज्य अलंकरण का दायरा

इस वर्ष राज्योत्सव के अवसर पर पंडवानी की महान कलाकार तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए राज्य अलंकरण शुरू किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से प्रदेश की कला-संस्कृति और सामाजिक समरसता में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल की गई है।

राज्य अलंकरण पुरस्कार छत्तीसगढ़ की उन प्रतिभाओं और संस्थाओं के योगदान को पहचान देने का माध्यम हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में चयनित विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।