रायपुर। छत्तीसगढ़ में 8,255 बच्चों की छात्रवृत्ति अटकने का मामला सामने आया है। संबंधित निकायों की ओर से करीब ढाई महीने बीत जाने के बाद भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर अब सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने संबंधित निकायों को सात दिनों के भीतर जरूरी ब्योरा उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है।

ढाई महीने बाद भी जानकारी अधूरी

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की छात्रवृत्ति से जुड़ी आवश्यक जानकारी जुटाने में इतना समय क्यों लग रहा है। ढाई महीने की अवधि बीतने के बावजूद संबंधित निकायों द्वारा पूरा ब्योरा नहीं दिया जाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इसका असर उन बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें छात्रवृत्ति के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलनी है।

सूडा ने दिया सात दिन का अल्टीमेटम

जानकारी उपलब्ध कराने में हो रही देरी को देखते हुए सूडा ने संबंधित निकायों को सात दिन के भीतर ब्योरा सौंपने का निर्देश दिया है। इस समय-सीमा के बाद आगे की कार्रवाई क्या होगी, यह संबंधित आदेश और विभागीय निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल निकायों के सामने लंबित जानकारी जल्द उपलब्ध कराने की चुनौती है।

बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

छात्रवृत्ति विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता है। ऐसे में प्रक्रिया में देरी होने से बच्चों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि सात दिनों की तय समय-सीमा के भीतर संबंधित निकाय जानकारी उपलब्ध करा पाते हैं या नहीं और छात्रवृत्ति की लंबित प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है।

अब निगाहें निकायों की कार्रवाई पर: सूडा के अल्टीमेटम के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित निकाय निर्धारित समय में अपना ब्योरा जमा करते हैं या मामला आगे भी लंबित रहता है। बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिलना ही इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू है।