बिलासपुर। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में सुरक्षित सफर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांजगीर-नैला में भव्य दुर्गा पंडाल और माता रानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भीड़ का असर रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि लोकल ट्रेनों में यात्रियों को जगह नहीं मिल पा रही है और कुछ यात्री ट्रेन के दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं।
भीड़ के आगे लोकल ट्रेनें पड़ रहीं कम
नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बस और ट्रेन से पहुंच रहे हैं। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेनों में दबाव बढ़ गया है। ट्रेन के आते ही यात्रियों के चढ़ने और उतरने के दौरान अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
भीड़ के कारण ट्रेन के भीतर जगह नहीं मिलने पर दरवाजे पर खड़े होकर या लटककर यात्रा करना बेहद खतरनाक है। चलती ट्रेन में संतुलन बिगड़ने, अचानक झटका लगने या पैर फिसलने से गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसी स्थिति में एक छोटी-सी लापरवाही किसी यात्री की जान पर भारी पड़ सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर सवाल
रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भीड़ बढ़ने के दौरान प्लेटफॉर्म पर निगरानी, यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और ट्रेनों में सुरक्षित चढ़ने-उतरने के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं।
भीड़भाड़ के बीच चोरी जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की प्रभावी निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, सुरक्षा बलों की वास्तविक तैनाती और व्यवस्था की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की मांग
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में रेलवे प्रशासन के सामने चुनौती है कि यात्रियों की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त लोकल ट्रेनों के संचालन, भीड़ वाले समय में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित प्रवेश-निकास की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
हादसे के बाद जागेगा रेलवे प्रशासन?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए समय रहते प्रभावी कदम क्यों न उठाए जाएं। ट्रेन के गेट पर लटककर सफर करने की स्थिति किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं है। रेलवे प्रशासन को यात्रियों की भीड़ का आकलन कर जरूरी इंतजाम करने चाहिए, ताकि सुविधा के अभाव में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े।
अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के लिए क्या कदम उठाता है।


