बिलासपुर। शहर से लेकर बाहरी क्षेत्रों तक किराये पर मकान, दुकान या कमरे देने वाले मकान मालिकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अब किरायेदारों की पहचान और उनका पूरा विवरण संबंधित पुलिस थाने तक पहुंचाना होगा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। खास बात यह है कि आदेश केवल नए किरायेदारों पर नहीं, बल्कि पहले से किराये पर रह रहे लोगों पर भी लागू होगा।
किरायेदारों की जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी
पुलिस से मिले प्रतिवेदन के आधार पर जारी आदेश में बताया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी किराये के मकानों में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। वहीं, किरायेदारों और घरेलू नौकरों की जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध नहीं होने से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने किरायेदारों का सत्यापन और उनकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाना अनिवार्य किया है।
किरायेदार का नाम, पता और मोबाइल नंबर देना होगा
आदेश के अनुसार, मकान मालिकों को किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र का क्रमांक दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराना होगा। मकान किराये पर देने से पहले उसकी वैध पहचान सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने से पहले से किराये पर रह रहे लोगों का विवरण भी मकान मालिकों को तत्काल पुलिस को देना होगा। इसलिए केवल नए किरायेदारों का सत्यापन कराना पर्याप्त नहीं होगा।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को दें सूचना
यदि किसी किरायेदार या उसके यहां आने वाले व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आती हैं, तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या चौकी को देने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य किराये के मकानों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है।
दो महीने तक प्रभावी रहेगा आदेश
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और जारी होने की तारीख से दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
आदेश में व्यक्तिगत सुनवाई संभव नहीं होने का उल्लेख करते हुए इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। इसकी प्रतियां संबंधित नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, पुलिस थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
एसपी रजनेश सिंह ने की मकान मालिकों से अपील
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि अप्रवासियों की जांच और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग समाधान ऐप के माध्यम से अथवा मैन्युअल तरीके से किरायेदारों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने मकान मालिकों, पीजी हॉस्टल संचालकों और किराये पर कमरे उपलब्ध कराने वालों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले सभी किरायेदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं।
नियम तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई
प्रशासन ने आदेश के उल्लंघन को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध बताया है। ऐसे में मकान मालिकों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

