बिलासपुर। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में ई-बस सेवा की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के कोनी स्थित सिटी बस डिपो में ई-बस टर्मिनल, चार्जिंग स्टेशन और बिजली आपूर्ति के लिए सब-स्टेशन विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिलासपुरवासियों को आधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

एक साथ चार्ज होंगी 28 इलेक्ट्रिक बसें

कोनी स्थित सिटी बस डिपो में 28 फास्ट चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की योजना है। इनकी मदद से एक साथ 28 इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे बसों के संचालन, चार्जिंग और रखरखाव की व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। ई-बसों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बिलासपुर को मिलेंगी 50 वातानुकूलित ई-बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर के लिए कुल 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें 9 मीटर लंबाई की 35 बसें और 7 मीटर लंबाई की 15 बसें शामिल हैं। इन बसों को शहर के 12 मार्गों पर संचालित करने की योजना बनाई गई है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, नवंबर 2026 तक शुरुआती 20 बसों और दिसंबर 2026 तक सभी 50 बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वास्तविक शुरुआत निर्माण कार्य और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी होने पर निर्भर करेगी।

11.45 करोड़ रुपये से विकसित होगा डिपो

ई-बस सेवा के संचालन के लिए कोनी डिपो में टर्मिनल कॉम्प्लेक्स, चार्जिंग स्टेशन और बिजली आपूर्ति से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना के लिए कुल 11.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है।

इसमें सिविल निर्माण के लिए 8.37 करोड़ रुपये, सब-स्टेशन के लिए 1.59 करोड़ रुपये और हाई-वोल्टेज बिजली कनेक्शन के लिए 1.49 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। डिपो में बसों की पार्किंग, मरम्मत के लिए वर्कशॉप, कार्यालय और कर्मचारियों की जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।

यात्रियों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा

ई-बस सेवा शुरू होने से शहर में सार्वजनिक परिवहन का एक आधुनिक विकल्प उपलब्ध हो सकेगा। वातानुकूलित बसों में सफर करने से यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, व्यावसायिक क्षेत्रों और शहर के प्रमुख स्थानों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बसों के मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं।

बस स्टॉप पर डिस्प्ले बोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी योजना है, ताकि यात्रियों को बसों के मार्ग और समय की जानकारी मिल सके।

प्रदूषण कम करने में भी मिलेगी मदद

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पेट्रोल और डीजल जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, शहर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से वाहनों से होने वाले स्थानीय वायु प्रदूषण को कम करने में भी योगदान मिल सकता है।

अब बसों के सड़कों पर उतरने का इंतजार

बिलासपुर में ई-बस सेवा की योजना से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलने की उम्मीद जगी है। फिलहाल सभी की नजर कोनी डिपो में चल रहे निर्माण कार्य और बसों के संचालन की निर्धारित समयसीमा पर है। यदि तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी होती हैं, तो आने वाले महीनों में शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो सकता है।