बिलासपुर। शहर में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर निर्माण कार्यों के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानी कम करने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने पर भी रहा।
दयालबंद से दर्रीघाट तक फोरलेन निर्माण पर जोर
निरीक्षण के दौरान दयालबंद से दर्रीघाट तक सड़क मजबूतीकरण और लाल खदान ओवरब्रिज के आगे से दर्रीघाट तक फोरलेन निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इन कार्यों पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
बिजली के खंभों की शिफ्टिंग में हो रही देरी को देखते हुए सीएसईबी के अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए कहा गया। साथ ही निर्माणाधीन सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने, यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
गौरव पथ निर्माण की भी हुई समीक्षा
अशोक नगर चौक से बिरकोना तक करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस परियोजना का निरीक्षण करते हुए डामरीकरण से पहले किए जाने वाले जरूरी कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आगे की निर्माण प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
नौ करोड़ की सड़क परियोजना में डामरीकरण का इंतजार
गुरुनानक चौक से स्मृति वन और स्मृति वन से शक्ति चौक तक मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर और लाइटिंग के कार्य प्रस्तावित हैं। समीक्षा के दौरान डामरीकरण की संशोधित दरों और प्राक्कलन संबंधी प्रक्रिया के कारण काम प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासन से संशोधित दरों का आदेश आने तक अन्य शेष कार्य पूरे किए जाएं, जिससे अनुमति मिलते ही डामरीकरण शुरू किया जा सके।
शनिचरी रपटा मार्ग पर भी नजर
साइंस कॉलेज से शनिचरी रपटा तक करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने और निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
धूल, जाम और दुर्घटनाओं से राहत दिलाने पर जोर
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण कार्यों में तेजी के साथ नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
अब इन परियोजनाओं में निर्माण की वास्तविक प्रगति और तय समय-सीमा के पालन पर नजर रहेगी। शहरवासियों को बेहतर सड़कों की सुविधा कब तक मिलती है, यह संबंधित विभागों की कार्य गति और निर्माण कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर निर्भर करेगा।

