सिमगा। गणेश विसर्जन के बाद सिमगा में विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब पुलिस पर लोगों के साथ कथित तौर पर लाठीचार्ज करने के आरोप लगाए गए। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सिमगा बंद रखा और बाद में सिमगा चौक पर चक्काजाम कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, तड़के करीब 4 बजे विवाद की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई लोग घायल हुए। इसके अलावा तीन पार्षदों को भी दौड़ाकर पीटे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

घटना के विरोध में बाजार बंद रहे और लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले में एफआईआर दर्ज की जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा।

गणेश विसर्जन के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर विवाद की स्थिति कैसे बनी और लाठीचार्ज की नौबत क्यों आई, इसका पूरा तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल सिमगा में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

  • लाठीचार्ज की घटना पर एफआईआर दर्ज की जाए।
  • दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
  • घायलों और पार्षदों के साथ हुई कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच हो।

पुलिस बल प्रयोग के नियम क्या कहते हैं

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सीमित और आवश्यक बल प्रयोग की अनुमति होती है, लेकिन यह बल परिस्थिति के अनुपात में होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके साथ अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है, तो वह पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर या न्यायालय में शिकायत कर सकता है। ऐसे मामलों में अक्सर प्रशासन मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी देता है।

त्योहारों में शांति बनाए रखने की अपील

सिमगा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का एक प्रमुख कस्बा है, जहां गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। विसर्जन जुलूसों में भीड़, देर रात तक चलने वाले कार्यक्रम और ध्वनि नियमों को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बनती है। प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच पहले से समन्वय ऐसे विवादों को रोकने में मददगार होता है। पुलिस या प्रशासन का पक्ष सामने आने पर खबर अपडेट की जाएगी।