रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ आगमन पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर प्रदेश में उत्साह का माहौल है। इस दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी और बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से जुड़ी ऐतिहासिक परंपराओं का हिस्सा बनेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगमन प्रदेशवासियों के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से राष्ट्रपति का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।

बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में सहभागिता गौरव का विषय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है। उनकी उपस्थिति से प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही, यह आयोजन विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और लंबे आयोजन काल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। वहीं, मुरिया दरबार जनजातीय समाज की परंपराओं, सामुदायिक संवाद और स्थानीय समस्याओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। राष्ट्रपति की सहभागिता से इन सांस्कृतिक परंपराओं का महत्व और अधिक रेखांकित होगा।

रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे लोकभवन में पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके बाद नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम में भी उनकी सहभागिता निर्धारित है।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सामाजिक सेवा, सम्मान और युवाओं के प्रोत्साहन से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देना है।

23 अक्टूबर को जगदलपुर में होगा प्रवास

राष्ट्रपति 23 अक्टूबर को जगदलपुर पहुंचकर मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वे बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम और ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस दौरान बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को प्रमुखता मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति की यात्रा को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और राज्य की विकास यात्रा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय गौरव और ऐतिहासिक परंपराओं को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।