मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव के समापन पर आयोजित गायिका पलक मुच्छल की नाइट विवादों में घिर गई। बीएसए कॉलेज मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रशंसक घंटों तक उनकी प्रस्तुति का इंतजार करते रहे, लेकिन कार्यक्रम में गायिका के मंच पर नहीं पहुंचने से नाराजगी फैल गई। देर रात कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना मिलने के बाद लोगों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।

रात 9 बजे से था प्रस्तुति का इंतजार

मथुरा के बीएसए कॉलेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय अग्रसेन महोत्सव के अंतिम दिन गुरुवार को पलक मुच्छल की प्रस्तुति प्रस्तावित थी। कार्यक्रम को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह था। शाम से ही लोग मैदान में पहुंचने लगे थे और रात होते-होते परिसर में बड़ी संख्या में दर्शक जुट गए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पलक मुच्छल को रात करीब 9 बजे मंच पर आना था। हालांकि, समय बीतने के बाद भी उनकी प्रस्तुति शुरू नहीं हुई। प्रशंसक देर रात तक उनके आने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। आखिरकार रात करीब 11:45 बजे कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी दी गई, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

खाने-पीने के स्टॉल बने विवाद की वजह

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम में विवाद की मुख्य वजह खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर सामने आई। आयोजकों के अनुसार, गायिका चाहती थीं कि उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शक खाने-पीने जैसी दूसरी गतिविधियों में व्यस्त न रहें। इस संबंध में आयोजकों की ओर से मंच से फूड स्टॉल बंद करने और लोगों से खाना रोकने की अपील भी की गई, लेकिन स्टॉल की सेवाएं बंद नहीं हो सकीं।

बताया गया कि इसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाने के कारण पलक मुच्छल ने मंच पर आने से इनकार कर दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आयोजकों और गायिका के पक्ष के बीच सामने आए अलग-अलग दावों को ध्यान में रखना जरूरी है।

हंगामे के बाद कार्रवाई की चेतावनी

कार्यक्रम रद्द होने की घोषणा के बाद नाराज दर्शकों ने आयोजन स्थल पर नारेबाजी की। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि करीब एक घंटे से अधिक समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में आयोजकों ने लोगों को समझाकर शांत कराया।

श्री अग्रवाल सभा के चुनाव संयोजक जयंती प्रसाद अग्रवाल ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और कहा कि वे मामले में कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी थीं और बड़ी संख्या में लोग गायिका की प्रस्तुति देखने पहुंचे थे, लेकिन उनके मंच पर नहीं आने से दर्शकों को निराश होकर लौटना पड़ा।

कार्यक्रम प्रबंधन पर भी उठे सवाल

इस घटना ने कलाकारों की प्रस्तुति से जुड़ी शर्तों, आयोजकों के बीच समन्वय और दर्शकों को समय पर जानकारी देने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी कार्यक्रम में प्रस्तुति को लेकर विशेष शर्तें तय की जाती हैं, तो उनका स्पष्ट संवाद और समय रहते पालन सुनिश्चित करना आयोजकों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

फिलहाल, मथुरा के अग्रसेन महोत्सव में पलक मुच्छल की प्रस्तुति नहीं होने से नाराज प्रशंसकों का मामला चर्चा में है। आयोजकों ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।