मुंबई। देशभर में हाल के दिनों में सामने आए Gen-Z के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलनों और युवाओं की राजनीतिक सक्रियता को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान शाह ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों का अलग-अलग विचार रखना और अपनी बात रखना स्वाभाविक है। सरकार संवाद और चर्चा के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने में विश्वास करती है।

अमित शाह ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां लोगों के विचार अलग हो सकते हैं और अपनी बात रखने का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण लोगों से बातचीत करने और उनके विचारों को समझने का है।

Gen-Z आंदोलनों के संदर्भ में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार चलाने के लिए आपातकाल जैसी स्थिति लागू करना भाजपा की संस्कृति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा है, जबकि उनकी सरकार का जोर संवाद, चर्चा और नागरिकों से लगातार संपर्क पर है।

शाह ने साथ ही कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाएगा।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं और छात्रों से जुड़े आंदोलनों ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस को तेज किया है। ऐसे में Gen-Z की सक्रियता को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ती दिखाई दे रही है।

शाह ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में प्रस्तावित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भी जानकारी दी।