रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से पहले किसानों की मांगों को लेकर हलचल तेज हो गई है। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर धान का मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। संगठन ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 27 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव की चेतावनी दी है।
धान का मूल्य बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान संघ ने धान का मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई है। संगठन के अनुसार, किसानों को धान की बढ़ती लागत को देखते हुए उचित मूल्य मिलना चाहिए। खेती में खाद, बीज, डीजल, मजदूरी और सिंचाई का खर्च लगातार किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

बकाया बोनस भुगतान की मांग
संघ ने करीब 1,700 करोड़ रुपये के बकाया धान बोनस के भुगतान का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने सरकार से लंबित राशि का भुगतान करने और किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
27 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने पर 27 अक्टूबर को रायपुर में मंत्रालय घेराव किया जाएगा। अब देखना होगा कि राज्य सरकार किसान संगठन की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और प्रस्तावित आंदोलन से पहले कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं।
अभी कितने में खरीदा जाता है धान?
छत्तीसगढ़ सरकार कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदती है और किसानों को कुल मिलाकर ₹3,100 प्रति क्विंटल का भुगतान करती है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली अंतर राशि शामिल होती है। भारतीय किसान संघ की मांग इस राशि को बढ़ाकर ₹3,358 प्रति क्विंटल करने की है।
किसानों की दलील
किसान संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत तेजी से बढ़ी है, जबकि धान के भुगतान में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई। इसके अलावा बकाया बोनस का मुद्दा भी लंबे समय से किसानों के बीच चर्चा में है।
धान खरीदी से पहले बढ़ा दबाव
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी आमतौर पर नवंबर महीने में शुरू होती है। ऐसे में खरीदी शुरू होने से पहले किसान संगठनों की ओर से दाम और बोनस को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। धान छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इस मुद्दे पर सरकार का फैसला लाखों किसानों को प्रभावित करेगा।
सरकार की ओर से इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया आने पर खबर अपडेट की जाएगी।








