रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और आने वाले चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में पार्टी आगे बढ़ सकती है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने संकेत दिया है कि भविष्य में 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अधिक अवसर दिए जाने पर विचार हो सकता है।

बिलासपुर में आयोजित कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के दौरान सिंहदेव ने कहा कि पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में बड़ी संख्या में युवा प्रतिनिधि सामने आए हैं। ऐसे में इसका प्रभाव आगे होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी दिखाई दे सकता है।

सिंहदेव के इस बयान को कांग्रेस की भविष्य की चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि संगठन सृजन शिविर को किसी एक चुनाव की तैयारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और उदयपुर चिंतन शिविर-2022 में तय किए गए बिंदुओं को संगठनात्मक स्तर पर लागू करना है।
उन्होंने संगठन में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की जरूरत पर भी जोर दिया। सिंहदेव के मुताबिक इन वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं यूथ कांग्रेस के चुनाव में सामने आए कई दावेदारों को लेकर सिंहदेव ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को इस प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव के बीच कथित मतभेद को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी सिंहदेव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच टकराव जैसी कोई स्थिति नहीं है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी सिंहदेव ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने आवासों की स्वीकृति, निर्माण और वास्तविक लाभार्थियों से जुड़ा स्पष्ट आंकड़ा सार्वजनिक करने की बात कही।

