रायपुर। नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि ब्लू वाटर खदान को प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही खदान के चारों ओर फेंसिंग कर लोगों की अनधिकृत आवाजाही रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने के लिए बाहर से आई टीम लगातार काम कर रही है। खदान के आसपास ऐसे सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, जिससे लोग आसानी से जोखिम वाले हिस्से तक नहीं पहुंच सकें।

गहरे पानी के कारण पहले भी हो चुके हैं हादसे

ब्लू वाटर खदान में गहरे पानी के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

हाल ही में दोस्तों के साथ पहुंचे एक युवक के डूबने की घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए अब सरकार ने खदान को प्रतिबंधित करने और चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने का निर्णय लिया है।

पेपर लीक मामले में दोषियों पर होगी कार्रवाई

मंत्री टंक राम वर्मा ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सामने आए पेपर लीक मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है, इसलिए ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक जरूरी है।

युवाओं की बात सुनना जरूरी

युवाओं के साथ मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के संवाद को लेकर मंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना जरूरी है। उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवाओं की बात ही नहीं सुनी जाएगी तो उनकी समस्याओं का समाधान कैसे निकलेगा।

एम्स के निमंत्रण पत्र पर मंत्री ने जताई अनभिज्ञता

रायपुर एम्स के दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र में स्थानीय सांसद, विधायक और महापौर का नाम नहीं होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।