बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। अपने दमदार अभिनय और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर नाना पाटेकर फिल्मों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जरूरतमंदों की मदद के लिए भी जाने जाते थे।

कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

रिपोर्टों के मुताबिक नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने घर पर थे। सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि करीब 45 मिनट तक CPR दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। हालांकि मौत का अंतिम चिकित्सकीय कारण पोस्टमॉर्टम और आधिकारिक मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने भी उनके निधन की पुष्टि की है।

जब 1.5 करोड़ की कार खरीदने का फैसला बदल दिया

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका एक पुराना किस्सा भी चर्चा में है, जो उनके मानवीय पक्ष को सामने लाता है।

रिपोर्टों के मुताबिक नाना ने अपने लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की लग्जरी कार खरीदने का फैसला किया था। इसी दौरान किसान परिवारों की आर्थिक बदहाली और किसान आत्महत्याओं से जुड़ी खबरों ने उन्हें बेहद प्रभावित किया।

इसके बाद उन्होंने महंगी कार खरीदने के बजाय उस रकम को जरूरतमंद किसान परिवारों की मदद में लगाने का फैसला किया। बताया जाता है कि प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए रकम चेक के माध्यम से वितरित की गई।

बाद में किसानों और ग्रामीण परिवारों की मदद के लिए NAAM Foundation के जरिए भी काम किया गया।

बॉलीवुड का दमदार अभिनेता, दिल से थे बेहद संवेदनशील

नाना पाटेकर ने परिंदा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी और वेलकम सहित कई फिल्मों में यादगार किरदार निभाए। उनकी संवाद अदायगी और अभिनय की अपनी अलग शैली थी।

पर्दे पर उनका सख्त और बेबाक अंदाज जितना चर्चित रहा, पर्दे के पीछे जरूरतमंदों के लिए उनकी संवेदनशीलता भी उतनी ही खास थी।

आज जब नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं, तो उनके अभिनय के साथ-साथ किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए किए गए उनके काम भी उन्हें लंबे समय तक याद रखने की वजह बनेंगे।

एक बेहतरीन अभिनेता का सफर थम गया, लेकिन उनके किरदार और इंसानियत की कहानियां हमेशा जिंदा रहेंगी।