रायपुर। छत्तीसगढ़ के गांवों की संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल की है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया गया है। इस पुरस्कार के तहत चयनित व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सरकार की इस पहल से ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

गांवों की संस्कृति और परंपराओं को मिलेगी नई पहचान

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की जनजातीय परंपराएं, लोककलाएं, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। सरकार का उद्देश्य इन विशेषताओं को पर्यटन से जोड़कर गांवों को नई पहचान दिलाना है।

इस पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और सामुदायिक पर्यटन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

युवाओं, महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन

ग्रामीण पर्यटन के विकास में स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

इस पुरस्कार के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की उपलब्धियों को पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

छह सदस्यीय जूरी करेगी उपलब्धियों का मूल्यांकन

पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन छह सदस्यीय जूरी करेगी। चयन के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें संबंधित व्यक्ति या संस्था के कार्यों का प्रभाव, स्थानीय लोगों की भागीदारी, रोजगार सृजन में योगदान और सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयास शामिल हैं।

एक व्यक्ति को यह पुरस्कार जीवनकाल में केवल एक बार दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।

कैसे कर सकेंगे आवेदन?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित करेगा।

आवेदन करने वालों को अपनी प्रोफाइल, फोटो, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों व उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि और अन्य विस्तृत शर्तों के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

राज्योत्सव में होगा सम्मान

इस पुरस्कार के लिए चयनित विजेता को राज्योत्सव में सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही विजेता के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी।

सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास से जोड़ना है।