कोरबा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान बेचने वाले किसानों के लिए जिले में आठ अतिरिक्त उपार्जन केंद्रों को मंजूरी दी गई है। नए केंद्रों की अनुमति किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक धान विक्रय की सुविधा देने के लिए दी गई है। इससे दूर के खरीदी केंद्र तक उपज पहुंचाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर केंद्रों और उनसे संबद्ध गांवों का निर्धारण किया गया है। व्यवस्था का उद्देश्य आसपास के गांवों के किसानों को नजदीकी केंद्र से जोड़ना है। धान की बिक्री के लिए किसान का किस केंद्र से संबंध रहेगा, यह केंद्रवार आवंटन के अनुसार तय होगा।
परिवहन और भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद
आठ नए केंद्र जुड़ने से मौजूदा केंद्रों पर आने वाले किसानों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। नजदीक बिक्री की सुविधा मिलने पर धान के परिवहन में लगने वाले समय और खर्च में भी कमी की संभावना है। हालांकि हर किसान को होने वाली बचत उसकी दूरी और उपज के परिवहन पर निर्भर करेगी।
केंद्र मंजूर होने की सूचना को खरीदी शुरू हो जाने की घोषणा से अलग समझना जरूरी है। किसानों के लिए संबंधित केंद्र की संचालन व्यवस्था और अपने गांव का आवंटन महत्वपूर्ण रहेगा। इस खबर में केंद्रों की संख्या और मंजूरी की जानकारी दी गई है; बिक्री की तारीख, मूल्य या भुगतान का नया दावा नहीं किया गया है।




