बिलासपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर न्यायधानी बिलासपुर के जरहाभाटा स्थित मंदिर चौक की धार्मिक आस्था और परंपरा विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां नव दुर्गा शक्तिपीठ से जुड़ी अखंड ज्योत की कहानी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाती है। बताया जाता है कि वर्ष 1996 में मां वैष्णो देवी धाम से लाई गई ज्योत पिछले करीब 30 वर्षों से निरंतर प्रज्वलित है।

मां वैष्णो देवी से जुड़ा है ज्योत का इतिहास

नव दुर्गा शक्तिपीठ की अखंड ज्योत का इतिहास वर्ष 1996 से जुड़ा बताया जाता है। मां वैष्णो देवी धाम से लाई गई इस ज्योत को यहां प्रज्वलित किया गया था। इसके बाद से ज्योत को लगातार जलाए रखने की परंपरा चली आ रही है। करीब तीन दशक का यह सफर श्रद्धा, सेवा और धार्मिक विश्वास की मिसाल के रूप में देखा जाता है।

नवरात्र में बढ़ जाती है धार्मिक रौनक

शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना के लिए मंदिरों में विशेष तैयारियां की जाती हैं। भक्त माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में शांति की कामना करते हैं। अखंड ज्योत को देवी शक्ति, प्रकाश और अटूट भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

जरहाभाटा के मंदिर चौक स्थित इस धार्मिक स्थल से जुड़ी अखंड ज्योत की परंपरा भी नवरात्र के दौरान विशेष महत्व रखती है। श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक प्रज्वलित दीप नहीं, बल्कि मां के प्रति विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।

तीन दशक से कायम है आस्था की लौ

वर्ष 1996 से वर्ष 2026 तक का सफर इस ज्योत की परंपरा को लगभग 30 वर्ष पुराना बनाता है। अखंड ज्योत को निरंतर प्रज्वलित बनाए रखने के लिए नियमित देखरेख और सेवा आवश्यक होती है। यही वजह है कि ऐसी धार्मिक परंपराएं श्रद्धालुओं के बीच विशेष स्थान रखती हैं।

शारदीय नवरात्र के इस विशेष अवसर पर जरहाभाटा मंदिर चौक की अखंड ज्योत मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और भक्ति की याद दिलाती है।