रायपुर। दिवाली और धनतेरस के मौके पर छत्तीसगढ़ के सराफा बाजारों में खरीदारी को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। रायपुर के सदर बाजार से लेकर बिलासपुर, रायगढ़ और दूसरे शहरों में आभूषण दुकानदारों को त्योहार और आने वाले विवाह सीजन से अच्छी बिक्री की उम्मीद है। हालांकि सोने-चांदी की ऊंची कीमतों के कारण कई ग्राहक अब बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।

महंगे सोने ने बदला ग्राहकों का रुझान

बड़े और भारी गहनों के मुकाबले हल्के वजन की ज्वेलरी, छोटी अंगूठियां, चांदी के सिक्के और पूजा में उपयोग होने वाली चांदी की वस्तुएं कम बजट वाले खरीदारों के लिए विकल्प बन रही हैं। कीमतों में हालिया नरमी ने भी कुछ ग्राहकों को राहत दी है, लेकिन दुकानों में भीड़ बढ़ने का मतलब जरूरी नहीं कि पहले से अधिक वजन में सोना बिक रहा हो।

दिवाली पर सोने के कंगन, चांदी के सिक्के और जलता हुआ दीया

प्रदेश के त्योहारी कारोबार से बड़ी उम्मीद

व्यापारिक अनुमानों में पूरे छत्तीसगढ़ के दिवाली सीजन के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई गई है। इसमें सराफा के साथ ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और अन्य बाजार भी शामिल हैं। यह अनुमान है, केवल सोने-चांदी की बिक्री का आंकड़ा नहीं।

बाजार में मंदी है या तेजी?

सराफा कारोबार की तस्वीर फिलहाल मिश्रित है। त्योहार से दुकानों में चहल-पहल बढ़ी है, लेकिन महंगा सोना ग्राहकों की खरीद क्षमता को प्रभावित करता है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए कुल बिक्री के साथ बिके गहनों का वजन और पिछले वर्ष के आंकड़े देखना जरूरी होगा। व्यापारियों की नजर अब धनतेरस के बाद दिवाली और शादी के सीजन की मांग पर है।