बिलासपुर। स्मार्ट पीडीएस प्रणाली के तहत केंद्र और राज्य की राशन कार्ड व्यवस्थाओं को एकीकृत करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए सेवा सेतु पोर्टल और मोबाइल ऐप का तकनीकी अपडेशन किया जा रहा है। तकनीकी कार्य के चलते फिलहाल राशन कार्ड में संशोधन, नए सदस्य का नाम जोड़ने और नाम हटाने जैसी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हैं। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और राज्य की राशन वितरण व्यवस्था को एक ही डिजिटल मंच पर लाने के लिए सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सेवा सेतु ऐप का अपडेशन लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल तकनीकी टेस्टिंग का काम चल रहा है।
घर बैठे मिलेंगी राशन कार्ड से जुड़ी सुविधाएं
नई व्यवस्था लागू होने के बाद हितग्राहियों को राशन कार्ड से जुड़े अधिकांश कामों के लिए सरकारी कार्यालयों या सेवा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग अपने स्मार्टफोन से घर बैठे नए राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा राशन कार्ड में नाम जोड़ने, हटाने, पता बदलने या अन्य संशोधन के लिए जरूरी दस्तावेज भी मोबाइल ऐप के जरिए अपलोड किए जा सकेंगे।
इस डिजिटल व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने के साथ समय की भी बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी और हितग्राहियों को सेवाएं सीधे उपलब्ध हो सकेंगी।
एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने से ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ प्रणाली भी अधिक प्रभावी होगी। इसका फायदा खास तौर पर प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों में रहने वाले हितग्राहियों को मिलेगा। वे पात्रता के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त कर सकेंगे।
घर बैठे मिलेंगी राशन सेवाएं
सेवा सेतु ऐप का अपडेशन पूरा होने के बाद राशन कार्ड से संबंधित आवेदन और संशोधन जैसी सुविधाएं मोबाइल के माध्यम से उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे खाद्य विभाग के कार्यालयों और सेवा केंद्रों में लगने वाली भीड़ कम होगी तथा लोगों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
वर्जन
“स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था को लागू करने के लिए सेवा सेतु पोर्टल का तकनीकी अपडेशन अंतिम चरण में है। इसी वजह से कुछ दिनों के लिए संशोधन कार्य बाधित हुआ है। जल्द ही प्रणाली सुचारू हो जाएगी, जिसके बाद लोगों को मोबाइल के जरिए घर बैठे सुविधाएं मिलने लगेंगी।”
— अमृत कुजुर, जिला खाद्य नियंत्रक

