बिलासपुर। रतनपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे-130 पर स्थित सेंदरी और रानीगांव के जानलेवा ब्लैक स्पॉट पर अब हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दोनों स्थानों पर अंडरब्रिज निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर ली है। करीब 52.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन दोनों अंडरपास की प्रक्रिया फिलहाल टेंडर स्तर पर है। आगामी एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दोनों ब्लैक स्पॉट पर अलग-अलग बनेगा अंडरपास

NHAI की योजना के अनुसार सेंदरी में करीब 23.93 करोड़ रुपये और रानीगांव में 28.94 करोड़ रुपये की लागत से अंडरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से सहमति मिलने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अंडरपास बनने के बाद स्थानीय आबादी और ग्रामीण संपर्क मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को हाईवे के मुख्य यातायात से अलग सुरक्षित रास्ता मिलेगा। वहीं हाईवे का तेज रफ्तार ट्रैफिक बिना किसी अवरोध के गुजर सकेगा।

चौबीसों घंटे रहता है भारी यातायात दबाव

बिलासपुर-रतनपुर मार्ग महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। NH-130 के जरिए रतनपुर, कटघोरा, कोरबा और अंबिकापुर की ओर यातायात जाता है, जबकि NH-45 आगे पेंड्रा, केंवची, अमरकंटक और प्रयागराज की दिशा में संपर्क प्रदान करता है।

प्रमुख मार्ग होने के कारण इस सड़क पर दिन-रात वाहनों का भारी दबाव रहता है। सेंदरी और रानीगांव में स्थानीय संपर्क मार्गों से आने-जाने वाले लोगों और तेज रफ्तार हाईवे ट्रैफिक के बीच टकराव की स्थिति बनने से यहां लगातार दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसी वजह से दोनों स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है।

हाईकोर्ट में लगी याचिका के बाद सामने आया था सुधार का प्रस्ताव

सेंदरी और रानीगांव में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान गठित टीम ने इन संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अंडरब्रिज या ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया था।

इसके बाद NHAI ने दोनों स्थानों की यातायात व्यवस्था और स्थानीय जरूरतों का अध्ययन करते हुए फुट ओवरब्रिज के बजाय अंडरपास निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

फुट ओवरब्रिज की जगह अंडरपास

पहले इन दोनों स्थानों पर मुख्य रूप से पैदल राहगीरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, जमीनी स्थिति और स्थानीय वाहनों के दबाव को देखते हुए अब अंडरब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है।

अंडरपास बनने से केवल पैदल राहगीर ही नहीं, बल्कि दोपहिया और स्थानीय चारपहिया वाहन भी हाईवे के मुख्य ट्रैफिक से अलग होकर सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकेंगे।

क्या होता है ब्लैक स्पॉट?

सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुसार किसी सड़क के करीब 500 मीटर के दायरे में लगातार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं और निर्धारित संख्या में मौतें होने पर उस स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाता है। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

सेंदरी और रानीगांव में अंडरपास निर्माण इसी सड़क सुरक्षा योजना का हिस्सा है। परियोजना पूरी होने के बाद इन दोनों स्थानों पर स्थानीय और हाईवे यातायात के बीच होने वाले टकराव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद रतनपुर, कटघोरा, कोरबा, अंबिकापुर, अमरकंटक और प्रयागराज की ओर सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।