बिलासपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर किए गए कथित विवादित कमेंट को लेकर बिलासपुर में शुक्रवार रात शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच मारपीट, नारेबाजी और पथराव के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश के बाद क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
इंस्टाग्राम कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट पर किए गए कथित विवादित कमेंट को लेकर हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और मारपीट हुई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई।
कुछ ही देर में दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई और फिर ईंट-पत्थर चलने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिसकर्मी भी घायल, आंसू गैस का इस्तेमाल
हिंसक झड़प के दौरान तारबाहर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। कुछ युवकों को भी चोटें आई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
धारा 144 के तहत कई गतिविधियों पर रोक
प्रशासन के आदेश के मुताबिक सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन को इससे छूट दी गई है।
बिना प्रशासनिक अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन या हड़ताल का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला समेत अन्य हथियार लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है।
सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। वहीं, लाठी के सहारे चलने वाले वृद्ध और दिव्यांग लोगों तथा धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वाले लोगों को भी छूट दी गई है।
तोड़फोड़ और सड़क जाम करने पर कार्रवाई
प्रशासन ने सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने, सड़क जाम करने और दहशत फैलाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती की है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कलेक्टर और SSP ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और SSP रजनेश सिंह समेत पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
विधायक सुशांत शुक्ला समेत स्थानीय नागरिक भी कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर युवकों को समझाइश दी गई।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी पुलिस की नजर
घटना के बाद पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विवाद से जुड़े पोस्ट और कमेंट की निगरानी कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट के कारण स्थिति दोबारा न बिगड़े।
फिलहाल सिटी कोतवाली क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पूरे मामले की जांच की जा रही


