रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। इसी कड़ी में टीवी प्रेजेंटर और बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा से जुड़ा बड़ा वित्तीय लेनदेन सामने आया है। ED के मुताबिक, बग्गा ने जांच के दौरान 1.20 करोड़ रुपये की राशि एजेंसी के सामने सरेंडर की है।
ED की कार्रवाई के अनुसार, इससे पहले मई में बग्गा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान 30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। अब 1.20 करोड़ रुपये और सरेंडर किए जाने के बाद यह मामला जांच के लिहाज से और गंभीर हो गया है।
दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए सौंपी रकम
रिपोर्ट के मुताबिक, शेफाली बग्गा ने ED को दो डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से रकम सौंपी। इनमें 50 लाख और 70 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट शामिल हैं।
ED की जांच में आरोप है कि बग्गा को महादेव से जुड़े सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के प्रमोशनल वीडियो बनाने के लिए भुगतान किया गया था। एजेंसी की चार्जशीट के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर कुल करीब 1.50 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 30 लाख रुपये पहले तलाशी के दौरान जब्त किए गए और शेष 1.20 करोड़ रुपये बाद में सरेंडर किए गए।
शेफाली बग्गा का क्या कहना है?
पूछताछ के दौरान बग्गा ने कथित तौर पर जांच एजेंसी को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस प्लेटफॉर्म का उन्होंने प्रमोशन किया, उसकी गतिविधियां अवैध थीं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भूमिका सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स के प्रमोशन तक सीमित थी।
बग्गा से पहले भी ED इस मामले में पूछताछ कर चुकी है। जुलाई 2026 में उनसे रायपुर स्थित ED कार्यालय में पूछताछ की गई थी।
महादेव ऐप केस में कई नाम जांच के घेरे में
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कई राज्यों तक फैली हुई है। ED की ताजा चार्जशीट में 42 लोगों के नाम शामिल होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े कथित पैसों के लेनदेन, प्रमोशनल गतिविधियों और मनी ट्रेल की पड़ताल कर रही है।
इस मामले में कई सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी पहले जांच एजेंसी के रडार पर आ चुके हैं। ED का आरोप है कि महादेव नेटवर्क से जुड़े प्लेटफॉर्म्स के प्रमोशन के लिए कई लोगों को भुगतान किया गया था।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और शेफाली बग्गा की भूमिका को लेकर सामने आए वित्तीय लेनदेन की भी ED पड़ताल कर रही है।

