बिलासपुर। गरबा से जुड़ी एक सोशल मीडिया रील को लेकर बिलासपुर में विवाद गहरा गया है। रील में सिगरेट के धुएं के साथ वीडियो बनाने और पिस्तौल दिखाई देने को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आपत्ति जताई थी। संगठन की ओर से कलेक्टर और एसपी से शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अब इस मामले में ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट शिफा मैथ्यूज ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए संबंधित लड़कियों के आरोपों को सामने रखा है।

जानकारी के अनुसार, गरबा के संदर्भ में बनाई गई रील में कुछ लड़कियां सिगरेट के धुएं के साथ वीडियो बनाती नजर आईं। वीडियो में पिस्तौल भी दिखाई देने की बात सामने आई। इस रील को लेकर विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।

9 युवक-युवतियों पर FIR, एक नाबालिग भी शामिल होने का दावा

बताया गया है कि 8 अक्टूबर 2026 को इस मामले में पांच लड़कियों और चार लड़कों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इनमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि, FIR में दर्ज आरोपों और पुलिस की कार्रवाई के सटीक आधार की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

दोपहर 2 बजे से रात 12:30 बजे तक थाने में बैठाने का आरोप

शिफा मैथ्यूज के अनुसार, संबंधित लड़कियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दोपहर करीब 2 बजे से रात 12:30 बजे तक थाने में बैठाकर रखा गया। उनका यह भी दावा है कि इस दौरान उनके परिजनों को सूचना नहीं दी गई।

लड़कियों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि थाने में मौजूद विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धमकियां दीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और शिकायतकर्ता पक्ष का जवाब सामने आने के बाद ही इस पहलू की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शिफा मैथ्यूज ने कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल

ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट शिफा मैथ्यूज ने इस पूरे मामले को केवल धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखने के बजाय इसके सामाजिक पहलुओं पर भी विचार करने की बात कही है। उनका मानना है कि किसी विवादित वीडियो को लेकर आपत्ति जताना और शिकायत करना अलग बात है, लेकिन कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों के साथ कैसा व्यवहार किया गया, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण सवाल है।

इस मामले में एक नाबालिग के शामिल होने की बात सामने आने के बाद उसके अधिकारों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के पालन को लेकर भी सवाल उठते हैं। हालांकि, पुलिस ने नाबालिग के संबंध में क्या प्रक्रिया अपनाई, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।

एक रील पर विरोध, जनहित के मुद्दों पर भी उठें सवाल

शिफा मैथ्यूज की प्रतिक्रिया में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाया गया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी वीडियो को लेकर जिस तरह विरोध और नाराजगी सामने आती है, उसी तरह शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति और अन्य नागरिक समस्याओं पर भी गंभीरता से आवाज उठाई जानी चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे मामले में एक तरफ रील को लेकर संगठन की आपत्ति और प्रशासन से की गई शिकायत है, तो दूसरी तरफ संबंधित लड़कियों की ओर से थाने में कथित दुर्व्यवहार और धमकी दिए जाने के आरोप हैं। दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

अब सवाल यह है कि रील विवाद में हुई कार्रवाई के दौरान क्या सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और थाने में कथित धमकी के आरोपों पर पुलिस क्या स्पष्टीकरण देती है? इन सवालों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।