बालोद। छात्रा पर हुए एसिड अटैक के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जब पुलिस जिला न्यायालय में पेश करने लेकर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद युवाओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस वाहन को लोगों ने घेर लिया और आरोपियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भीड़ ने आरोपियों पर कालिख फेंकी और जूते-चप्पल भी फेंके। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर किसी तरह दोनों आरोपियों को न्यायालय परिसर तक पहुंचाया।
आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा मौके पर मौजूद रहे। लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। करीब एक घंटे तक विरोध का दौर चलता रहा। इसी दौरान पीड़िता की बहन भी न्यायालय के गेट पर चढ़ गई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। उसने आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
मामले को लेकर न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के बीच भी नाराजगी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार बार काउंसिल अध्यक्ष सुनील सोनी ने बताया कि आरोपियों की ओर से पैरवी करने के लिए किसी अधिवक्ता ने केस लेने की इच्छा नहीं जताई। इस घटनाक्रम के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
क्या था पूरा मामला?
बालोद में 22 वर्षीय छात्रा पर हुए एसिड अटैक की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार छात्रा पर हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि कथित तौर पर इसकी पहले से साजिश रची गई थी। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी छात्रा को पहले से जानता था और दोनों एक साथ कोचिंग में पढ़ चुके थे। आरोपी ने छात्रा के सामने प्रेम और शादी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन छात्रा ने कथित तौर पर प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
पुलिस के अनुसार छात्रा के इनकार के बाद आरोपी नाराज हो गया। उसे छात्रा के किसी अन्य युवक से बातचीत करने को लेकर भी शक था। इसी के बाद कथित तौर पर छात्रा को सबक सिखाने के लिए एसिड अटैक की योजना बनाई गई। इसके लिए आरोपी ने अपने बचपन के दोस्त को भैरमगढ़ क्षेत्र से बालोद बुलाया।
जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर हमले की योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक वारदात को इससे पहले भी अंजाम देने की तैयारी की गई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी छात्रा के आने-जाने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगे और मौका मिलते ही हमला कर दिया।
घटना वाले दिन छात्रा आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। इसी दौरान सिंचाई कॉलोनी क्षेत्र के पास एक युवक ने अचानक उस पर एसिड फेंक दिया। तेजाब की चपेट में आने से छात्रा के चेहरे, आंख के आसपास और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर जलने की चोटें आईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि छात्रा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। घटना के बाद परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची। जांच के दौरान कथित साजिश का खुलासा होने के बाद मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमले के लिए तेजाब कहां से लाया गया, वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
एसिड अटैक की इस घटना के बाद बालोद में गुस्सा लगातार देखने को मिल रहा है। कोर्ट के बाहर हुआ विरोध इसी आक्रोश की तस्वीर सामने लेकर आया। अब लोगों की नजर मामले की कानूनी कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ होने वाली आगे की कार्रवाई पर है।

