धमतरी, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने आठ साल पुराने कथित हीरा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 64 वर्षीय विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 146 नग हीरे जैसे चमकदार बहुमूल्य पत्थर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से इन पत्थरों को लेकर आया था। करीब आठ वर्षों तक इन्हें अपने पास रखने के बाद वह बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 को धमतरी जिले की बिरेझर पुलिस चौकी और साइबर थाना की संयुक्त टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थरों की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की। उसकी पहचान विनोद अग्रवाल (64 वर्ष), निवासी के.के. वार्ड, भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रूप में हुई।

आठ साल पहले पायलीखंड खदान से लाए थे पत्थर

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018 में वह गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से ये बहुमूल्य पत्थर लेकर आया था।

आरोप है कि उसने लंबे समय तक इन पत्थरों को अपने पास रखा। बाद में इन्हें बेचने के उद्देश्य से धमतरी क्षेत्र में ग्राहक तलाशने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

146 पत्थर, मोबाइल और नकदी जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 146 नग हीरे जैसे बहुमूल्य पत्थर जब्त किए हैं। इनका कुल वजन 16.17 ग्राम और शुद्ध वजन 13.49 ग्राम बताया गया है।

बरामद पत्थरों की अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस ने करीब 8 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन और 2,200 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

इस तरह कुल जब्ती की अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताई गई है।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी विनोद अग्रवाल के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21(4) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने और न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

बहुमूल्य पत्थरों की वास्तविक पहचान की होगी जांच

बरामद पत्थरों की वास्तविक प्रकृति और कीमत की पुष्टि के लिए संबंधित खनिज विभाग से परीक्षण कराया जाना महत्वपूर्ण होगा।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन पत्थरों की बिक्री के लिए आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और क्या मामले में अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका रही है।

हालांकि, फिलहाल किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जोहार न्यूज़ | Johar News

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